Prerna
Ranchi: JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिन आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार पर तीखा हमला बोला. दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुजी ने अपना पूरा जीवन संघर्ष, आंदोलन और हक-अधिकार की लड़ाई में बिताया. यदि आज वे जीवित होते तो स्वयं इस छात्र आंदोलन का हिस्सा बनते. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भगवान बिरसा मुंडा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन, बिनोद बिहारी महतो, निर्मल महतो, शहीद शेख भिखारी, नीलांबर-पीतांबर और जयपाल सिंह मुंडा के बताए मार्ग पर चल रहा है. 2 जुलाई को सामने आई 14वीं JPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ियों के बाद 5 जुलाई से आंदोलन जारी है, जबकि 25 जुलाई से दिन-रात सत्याग्रह किया जा रहा है.

तीसरे दिन भी अन्न-जल का त्याग
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि भूख हड़ताल के तीसरे दिन उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है. शरीर, पैर और सीने में दर्द है और डॉक्टरों की सलाह पर मजबूरी में सलाइन लेनी पड़ी. उन्होंने कहा कि उनका शुगर लेवल 80 तक पहुंच गया था और डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी, कि और गिरने पर अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन दिनों से उन्होंने अन्न और जल ग्रहण नहीं किया है.

“छात्र आंदोलन जल्द बनेगा जन आंदोलन”
उन्होंने कहा कि छात्र लगातार कैंडल मार्च, मशाल जुलूस, संविधान मार्च और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से विरोध दर्ज करा रहे हैं. यदि सरकार ने जल्द वार्ता नहीं की तो यह आंदोलन छात्र आंदोलन से जन आंदोलन में बदल जाएगा.
युवाओं से की रांची पहुंचने की अपील
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि पहले 6 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव अब आपसी सहमति और संगठनात्मक कारणों से 10 अगस्त को किया जाएगा. उन्होंने राज्य के सभी छात्रों और युवाओं से 10 अगस्त को बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की.
मुख्यमंत्री से भावुक अपील
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा कि यदि वे अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचारों को मानते हैं, तो आंदोलनकारियों से वार्ता करें और उनकी मांगों पर निर्णय लें. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने एक पुरानी मुलाकात का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गुरुजी के निधन के बाद नेमरा में वह श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनसे मुलाकात कर उन्हें “नेता नहीं, आंदोलनकारी” बताया था और भावुक होकर गले लगाया था. उन्होंने कहा कि यदि उस समय मुख्यमंत्री की भावनाएं सच्ची थीं, तो अब उन्हें छात्रों के आंदोलन की आवाज सुननी चाहिए.
“सिर्फ जांच नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए”
मुख्यमंत्री द्वारा जांच जारी रहने संबंधी दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, कि केवल जांच का आश्वासन या लीपापोती से काम नहीं चलेगा. उनका आरोप था कि पिछले 26 वर्षों से JPSC और JSSC में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं और अब सरकार को ठोस कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने दोहराया कि सरकार छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय ले, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा.

