Giridih: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिलाध्यक्ष इरफान आलम ने जिले के विद्यालयों में संचालित विभिन्न योजनाओं और प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उपायुक्त को आवेदन सौंपते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने स्कूल स्टेप डिलीवरी, मध्याह्न भोजन योजना और 25 प्रतिशत आरक्षण के तहत होने वाले नामांकन में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया है.
तीन वर्षों से टेंडर नहीं होने पर उठाए सवाल
उपायुक्त को दिए गए आवेदन में इरफान आलम ने कहा कि जिले में पिछले तीन वर्षों से स्कूल स्टेप डिलीवरी के लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति किस एजेंसी या व्यक्ति के माध्यम से की जा रही है. उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि टेंडर प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई और इसके पीछे क्या कारण रहे.

मध्याह्न भोजन योजना के कंप्यूटर ऑपरेटरों की पदस्थापना पर सवाल
राजद जिलाध्यक्ष ने मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति और पदस्थापन पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि कई कंप्यूटर ऑपरेटर पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से एक ही प्रखंड या एक ही पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार समय-समय पर स्थानांतरण होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होने से कार्यप्रणाली की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है. इस मामले की भी जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की गई है.
25 प्रतिशत आरक्षण के तहत नामांकन में गड़बड़ी का आरोप
इरफान आलम ने निजी विद्यालयों में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत आरक्षण के तहत होने वाले नामांकन में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कई ऐसे बच्चों का नामांकन किया गया है जो इस आरक्षण के पात्र नहीं थे, जबकि वास्तविक पात्र बच्चों को योजना के लाभ से वंचित रखा गया. उन्होंने इसे शिक्षा के अधिकार से जुड़े प्रावधानों और सरकार की मंशा के विपरीत बताया.
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
राजद जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषी व्यक्तियों एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है.
विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की उम्मीद
इरफान आलम ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेकर जल्द उचित कदम उठाएगा, ताकि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हो सके और शिक्षा व्यवस्था में आम लोगों का विश्वास कायम रहे.


