Ranchi: देश को पोलियो मुक्त बने 25 वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इस उपलब्धि को बरकरार रखने के लिए लगातार जागरूकता और सतर्कता जरूरी है. इसी उद्देश्य से रांची जिले में 28 से 30 जून तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान जिले के पांच वर्ष से कम आयु के 5,05,524 बच्चों को पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है. राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को रांची सदर अस्पताल से किया गया. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, विधायक सीपी सिंह, रांची की मेयर रोशनी खलखो समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. अभियान की शुरुआत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर की गई. अधिकारियों ने कहा कि “हर बच्चा, हर बार” के संकल्प के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पांच वर्ष से कम उम्र का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे.
जिलेभर में व्यापक तैयारियां
अभियान को सफल बनाने के लिए रांची जिले में कुल 3,893 पोलियो बूथ बनाए गए हैं. इन बूथों पर 7,786 स्वास्थ्यकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे अभियान की निगरानी के लिए 571 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें बूथों के अलावा घर-घर जाकर भी छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी.

पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखना है लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भारत पिछले 25 वर्षों से पोलियो मुक्त है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी पोलियो के मामले सामने आते हैं. ऐसे में संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए देशभर में नियमित रूप से पल्स पोलियो अभियान चलाया जाता है, ताकि भारत की पोलियो मुक्त स्थिति बरकरार रहे. अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के लगभग 61 लाख बच्चों को इस अभियान के तहत पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी. यह अभियान इस बात का उदाहरण है कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से किसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है.
Read Also:
अभिभावकों से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 से 30 जून के बीच अपने पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक दवा अवश्य पिलाएं. विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा इस अभियान से छूटने न पाए.


