Hazaribagh : जिले में विद्यार्थियों के लिए बनाए जा रहे ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी का कार्य निर्धारित समय सीमा के बावजूद अधूरा है. 30 जून अंतिम तिथि होने के बावजूद अब तक केवल 55 प्रतिशत विद्यार्थियों का ही अपार आईडी बन पाया है. करीब 45 प्रतिशत छात्र-छात्राएं अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं.
जिले के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में करीब 3.40 लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इनमें से 1,87,466 विद्यार्थियों का अपार आईडी (APAAR IDs) तैयार किया जा चुका है. वहीं करीब 65 हजार विद्यार्थियों के आधार कार्ड का सत्यापन पूरा हो चुका है और उनका आईडी बनने की प्रक्रिया जारी है.

अभिभावकों की सहमति बनी सबसे बड़ी बाधा
शिक्षा विभाग के अनुसार, बड़ी संख्या में अभिभावकों द्वारा कंसेंट फॉर्म समय पर जमा नहीं करने से प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. कई मामलों में आधार कार्ड और विद्यालय के रिकॉर्ड में नाम अलग होने के कारण भी अपार आईडी बनाने में दिक्कत आ रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी, सर्वर की धीमी गति और आधार सत्यापन व डेटा अपलोड में तकनीकी समस्याओं के कारण भी कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है.
विशेष अभियान चलाने के निर्देश
जिला शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को विशेष अभियान चलाकर शेष विद्यार्थियों का अपार आईडी बनाने का निर्देश दिया है. अभिभावकों से संपर्क कर सहमति पत्र जमा कराने और आधार सत्यापन पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं.
जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने कहा कि सभी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है. हालांकि वर्तमान प्रगति को देखते हुए 30 जून तक सभी विद्यार्थियों का अपार आईडी बन पाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.
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