Ranchi: देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन आयोजित किया गया. यह दो दिवसीय बैठक थी, जिसमें देशभर के ग्रामीण विकास मंत्रियों को आमंत्रित किया गया. इस बैठक में शामिल होने के लिए झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह (Deepika Pandey Singh) भी पहुंचीं. उन्होंने बैठक में झारखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. दो दिनों तक चली इस बैठक में झारखंड की वित्तीय स्थिति से लेकर मनरेगा (MGNREGA) और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी.
जानें किन मुद्दों को मंत्री ने बैठक में उठाया
- देश की सबसे बड़ी योजना मनरेगा, जिसका नाम बदलकर विकसित भारत जी-राम जी किए जाने का मुद्दा दीपिका पांडेय सिंह ने उठाया. उन्होंने बैठक में कहा कि “महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के नाम को मनरेगा जैसी योजना से हटाया गया है. आने वाले समय में गांधी जी के नाम पर कोई नई योजना शुरू हो, ऐसा भरोसा जनता को दिया जाना चाहिए.”
- दूसरा मुद्दा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की राशि बढ़ाने का था. मंत्री ने मांग की कि प्रधानमंत्री आवास की राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये की जाए. साथ ही आवास निर्माण में हो रही देरी को गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने सुझाव दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए फैब्रिकेटेड हाउस (Fabricated House) को भी स्वीकृति दी जाए.
- तीसरा मुद्दा राज्य के वित्तीय संकट से जुड़ा था. मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड की वित्तीय समस्याओं को गंभीरता से ले. कई ऐसी योजनाएं हैं, जो केंद्रांश (Central Share) के अभाव में रुकी हुई हैं या बंद पड़ी हैं. उन्होंने इन योजनाओं को तत्काल प्रभाव से शुरू करने की मांग की.


