रांची: गर्मी के मौसम को देखते हुए रांची नगर निगम ने शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. नगर निगम के अनुसार शहर में कुल 1611 मिनी HYDT (पानी की टंकियां) और 181 HYDT के माध्यम से अधिकांश मोहल्लों में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.

टंकियों की होगी कोडिंग, शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर
अब नगर निगम इन सभी टंकियों की कोडिंग कर रहा है. हर टंकी पर एक यूनिक कोड नंबर और टोल-फ्री नंबर लिखा जाएगा, ताकि जिस इलाके में पानी की समस्या हो, वहां के लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकें. शिकायत मिलने के बाद 24 घंटे के अंदर समस्या का समाधान करने का लक्ष्य रखा गया है. पूरे सिस्टम की निगरानी नगर निगम की जलापूर्ति शाखा करेगी.
गर्मी में 70 टैंकर से होगी अतिरिक्त जलापूर्ति
गर्मी के दौरान पानी की कमी से निपटने के लिए नगर निगम ने 70 पानी के टैंकर तैयार रखे हैं. इन टैंकरों के जरिए उन इलाकों में विशेष रूप से पानी पहुंचाया जाएगा, जहां गर्मी में अक्सर पानी की समस्या होती है. नगर निगम सभी टैंकरों में GPS लगाने की योजना भी बना रहा है, ताकि टैंकरों की लोकेशन और रूट पर नजर रखी जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी सही जगह और समय पर पहुंचे.
300 से ज्यादा ड्राई जोन पर विशेष नजर
पिछले साल रांची में 300 से अधिक ड्राई जोन चिन्हित किए गए थे. इस बार भी नगर निगम फिर से ड्राई जोन की पहचान कर रहा है. इनमें मुख्य रूप से मोराबादी, नामकुम, हिंदपीढ़ी, डोरंडा, एदलहातू, कुसुम विहार और कांटाटोली जैसे इलाके शामिल हैं, जहां गर्मी में पानी की कमी अधिक देखने को मिलती है. इन क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से विशेष जलापूर्ति की जाएगी.
पानी चोरी और अवैध कनेक्शन पर सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने साफ चेतावनी दी है कि पानी चोरी और अवैध जल कनेक्शन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए निगम का धावा दल लगातार अभियान चला रहा है और अवैध कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई भी की जा रही है.
अवैध जार वाटर प्लांट पर भी होगी कार्रवाई
इसके अलावा शहर में बिना अनुमति चल रहे जार वाटर बॉटलिंग प्लांट पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे प्लांट संचालित करते पाए जाने पर जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
शिकायत प्रणाली और निगरानी होगी मजबूत
नगर निगम का कहना है कि गर्मी के मौसम में शहरवासियों को पानी की कमी न हो, इसके लिए टंकियों की निगरानी, टैंकर सप्लाई, GPS ट्रैकिंग और शिकायत प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके.

