Ranchi: झारखंड में मानसून की चाल इस बार बेहद सुस्त और चिंताजनक बनी हुई है.1 जून से 7 जुलाई के बीच राज्य में मानसून की स्थिति पर नजर डालें तो तस्वीर बहुत ही निराशाजनक है. पूरे राज्य का औसत वर्षां सामान्य से 32% कम हुई है. पूरे झारखंड के 24 जिलों में से केवल पश्चिमी-सिंहभूम ही एक ऐसा जिला है, जो ‘सामान्य’ वर्षा की श्रेणी 18 फीसदी कम है. वहीं, राज्य की राजधानी रांची और सिमडेगा की स्थिति भी बेहतर है, जहां बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब है, लेकिन शेष 21 जिलों में बारिश का आंकड़ा संतोषजनक नहीं है.
इन जिलों की स्थिति चिंताजनक
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मानकों के अनुसार, जिन जिलों में बारिश में 60% से अधिक की कमी दर्ज की गई है, उन्हें स्कार्सी या अत्यंत कम बारिश वाली श्रेणी में रखा जाता है. इस बार राज्य के चार जिले इसी श्रेणी में आते हैं. गोड्डा में 77%,गढ़वा में 67%,चतरा में 65%,पाकुड़ में 64% कोडरमा में 61% कमी है.

अन्य जिलों की स्थिति: कमी का संकट
राज्य के अधिकांश जिले ‘कमी’ वाली श्रेणी में हैं, जहां बारिश में 20% से 59% तक की कमी देखी गई है. देवघर (-50%), साहिबगंज (-48%), पूर्वी-सिंहभूम (-47%), पलामू (-42%), और हजारीबाग (-40%) जैसे जिलों में स्थिति काफी खराब है. इसके अलावा, खूंटी (-38%), गिरिडीह (-35%), लातेहार (-33%), बोकारो और जामताड़ा (-32%), गुमला (-28%), रामगढ़ (-27%), धनबाद (-26%) और सरायकेला-खरसावां (-25%) में भी बारिश का ग्राफ काफी नीचे है.
दुमका, रांची और सिमडेगा में राहत
सिर्फ तीन जिले ऐसे हैं जहां स्थिति थोड़ी संतुलित है. दुमका (-10%), रांची (-3%) और सिमडेगा (-4%) में वर्षा का स्तर सामान्य के काफी करीब है, जो इन क्षेत्रों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है.
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