Ranchi: मानसून शुरू होते ही झारखंड सरकार डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर अलर्ट हो गई है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है, कि बीमारी फैलने से पहले ही बचाव के लिए तेजी से काम शुरू किए जाए. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बारिश के बाद घरों और आसपास पानी जमा होने से डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर तेजी से बढ़ता है. इसलिए नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, सहिया और कम्युनिटी वालंटियर मिलकर घर-घर जाकर जांच करेंगे और जहां मच्छरों के लार्वा मिलेंगे, उन्हें तुरंत नष्ट करेंगे.
क्या-क्या होगा?
नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, सहिया और कम्युनिटी वालंटियर द्वारा घर-घर जाकर कूलर, गमले, पानी की टंकी, पुराने टायर, प्लास्टिक के बर्तन और जहां भी पानी जमा है, उसकी जांच की जाएगी. साथ ही लोगों को समझाया जाएगा कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें. इसके लिए हर टीम रोज करीब 20 से 25 घरों की जांच करेगी. जरूरत पड़ने पर नालियों और पानी जमा होने वाली जगहों पर लार्वा खत्म करने की दवा डाली जाएगी.

डेंगू का मरीज मिलने पर तुरंत कार्रवाई
अगर किसी इलाके में डेंगू का मरीज मिलता है, तो उसके आसपास के एक किलोमीटर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर फॉगिंग कराई जाएगी. अगर एक ही इलाके में कई मरीज मिलते हैं, तो घरों के अंदर भी दवा का छिड़काव किया जाएगा.
अस्पताल भी रहेंगे तैयार
विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और CHC में डेंगू और चिकनगुनिया की जांच की व्यवस्था रखने के लिए कहा है. जिला अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड और सभी बेड पर मच्छरदानी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
लोगों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है, कि कूलर, गमले, टंकी और दूसरे बर्तनों में पानी जमा न होने दें. अगर तेज बुखार, शरीर में दर्द या डेंगू जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं. समय पर इलाज कराने से बीमारी से बचा जा सकता है.
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