Bokaro: बैंक ऑफ इंडिया के बोकारो आंचलिक कार्यालय में गुरुवार को “हिंदी: संपर्क भाषा से राजभाषा तक की यात्रा” विषय पर राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता आंचलिक प्रबंधक डॉ. पल्लवी कुमारी ने की, जबकि संचालन राजभाषा अधिकारी सुब्रतो बनर्जी ने किया. संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में सेल के सहायक महाप्रबंधक एवं नराकास सचिव मयंक कुमार उपस्थित हुए. उन्होंने विषय पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान देते हुए हिंदी के संपर्क भाषा से राजभाषा बनने की ऐतिहासिक यात्रा, संवैधानिक आधार, प्रशासनिक महत्व तथा वर्तमान समय में कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं.
हिंदी को सुशासन और सरल प्रशासन का सशक्त माध्यम बताया
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आंचलिक प्रबंधक डॉ. पल्लवी कुमारी ने कहा कि हिंदी केवल संपर्क का माध्यम ही नहीं, बल्कि सुशासन, सरल प्रशासन और जनसामान्य से प्रभावी संवाद का सशक्त माध्यम है. उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने तथा राजभाषा नीति के प्रभावी अनुपालन का आह्वान किया. उन्होंने राजभाषा नीति, हिंदी के कार्यालयीन प्रयोग तथा संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला. संगोष्ठी में आंचलिक कार्यालय के सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया. कार्यक्रम के अंत में उप आंचलिक प्रबंधक सुनीत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने विषय की उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य वक्ता, अध्यक्ष तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया.

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