Ranchi: धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने निरसा के विधायक अरूप चटर्जी के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए उन्हें कानूनी मानहानि का नोटिस थमा दिया है. यह सिर्फ एक कानूनी नोटिस नहीं, बल्कि सांसद की ओर से दी गई वह अंतिम चेतावनी है, जिसने यह साफ कर दिया है कि अब आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति का अंत कानून के दरवाजे पर होगा. सांसद ढुल्लू महतो ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से यह नोटिस निरसा विधायक अरूप चटर्जी को भेजा है. नोटिस के अनुसार, विधायक ने हाल ही में आयोजित प्रेस वार्ता और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सांसद और उनके परिवार के खिलाफ जो बयान दिए, वे न केवल तथ्यहीन और निराधार हैं, बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से दिए गए हैं. सांसद का आरोप है कि विधायक ने बिना किसी ठोस प्रमाण के उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया है.
‘लोकतंत्र के नाम पर चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं’
सांसद ढुल्लू महतो ने कहा है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी सबूत के मेरे या मेरे परिवार की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करे. यह लड़ाई सिर्फ ढुल्लू महतो की नहीं, बल्कि सत्य और कानून के शासन की है. किसी की छवि को तार-तार करना अब किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा.

नोटिस में मांगें: माफी या 2 करोड़ का हर्जाना
• 7 दिनों का अल्टीमेटम: विधायक को सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगनी होगी.
• बयानों की वापसी: सभी कथित मानहानिकारक बयानों को तत्काल वापस लेना होगा.
• सोशल मीडिया से सफाई: सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स से उन सभी सामग्रियों को हटाना होगा, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है.
• 2 करोड़ की क्षतिपूर्ति: सांसद ने विधायक से 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की भी मांग की है.
