लंबित आपराधिक मामला अंतिम पेंशन तय करने में बाधा नहीं, HC ने 6-6 सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने का दिया आदेश

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विभागीय कार्यवाही में अंतिम दंडादेश पारित होने के बाद सिर्फ...

झारखंड हाईकोर्ट

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विभागीय कार्यवाही में अंतिम दंडादेश पारित होने के बाद सिर्फ आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की अंतिम पेंशन निर्धारण की प्रक्रिया रोकी नहीं जा सकती. न्यायाधीश दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार और महालेखाकार AG को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता श्याम देव प्रसाद सिंह की अंतिम पेंशन तय करने की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह छह सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता की सेवा पुस्तिका, पेंशन पत्रावली और आवश्यक स्वीकृति आदेश महालेखाकार को भेजे. इसके बाद महालेखाकार को भी छह सप्ताह के भीतर अंतिम पेंशन भुगतान आदेश PPO जारी करने का निर्देश दिया गया.

सौ फीसदी मिलेगा पेंशन का लाभ

अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2026 तक 90 प्रतिशत पेंशन और 1 जनवरी 2027 से 100 प्रतिशत पेंशन का लाभ मिलेगा. मेडिकल भत्ते के संबंध में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को नया अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया और कहा कि अगर सरकारी नियमों के तहत यह राशि देय है तो केवल लंबित आपराधिक मामले के आधार पर इसे रोका नहीं जा सकता. संबंधित प्राधिकार को छह सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया गया.

 

ALSO READ : रांची: 14वीं JPSC परीक्षा परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, आयोग कार्यालय का किया घेराव

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *