श्रेया गुप्ता
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित किए जाने के बाद अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है. परिणाम में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने बापू वाटिका से JPSC कार्यालय तक पैदल मार्च किया. इसके बाद आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर परिणाम की निष्पक्ष जांच और उसे निरस्त करने की मांग उठाई. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि आयोग ने देर रात परिणाम जारी किया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं. उनका आरोप है कि जारी किए गए परिणाम पत्र पर किसी अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं और आयोग ने अब तक कट-ऑफ मार्क्स भी सार्वजनिक नहीं किए हैं. अभ्यर्थियों ने आयोग परिसर की उस रात की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की भी मांग की है.
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पैसे और सेटिंग के जरिए लाभ पहुंचाने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सोशल मीडिया पर वायरल एक OMR शीट का भी उल्लेख किया. उनका दावा है कि उसमें एक अभ्यर्थी के एक प्रश्नपत्र में 45 में 45 और दूसरे में 97 सही उत्तर दर्शाए गए हैं, जिसे वे संदेहास्पद मान रहे हैं. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में बाहरी राज्यों के कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर पैसे और सेटिंग के जरिए लाभ पहुंचाया गया, जबकि झारखंड के योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ. अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में आयोग ने निर्धारित मानकों और संवैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया. उनका आरोप है कि परिणाम पर आयोग के अध्यक्ष या संबंधित सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं. इसके अलावा परीक्षा की उत्तर कुंजी चार बार जारी किए जाने को भी उन्होंने आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
कार्यालय के बाहर पुलिस बल की तैनाती
स्थिति को देखते हुए JPSC कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा लालपुर चौक से रातू रोड तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा. अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए 14वीं JPSC परीक्षा परिणाम की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.

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