रांची: झारखंड के पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अगले छह महीनों के भीतर झारखंड को अपना नया पुलिस मैनुअल मिल जाएगा. यह कदम राज्य की कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने और पुलिसिंग की पुरानी पड़ चुकी पद्धतियों को बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.

विधानसभा में सरकार का बड़ा आश्वासन:
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान, धनबाद से भाजपा विधायक राज सिन्हा द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने यह जानकारी साझा की. विधायक राज सिन्हा ने राज्य में लंबे समय से लंबित पुलिस सुधारों और पुराने मैनुअल की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए थे.मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा नए पुलिस मैनुअल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया काफी तेज गति से चल रही है. सरकार इसे अगले छह महीनों के भीतर धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है.
1961 के मैनुअल से मिलेगी मुक्ति:
वर्तमान में झारखंड पुलिस वर्ष 1961 के पुलिस मैनुअल के आधार पर कार्य कर रही है. यह मैनुअल उस समय का है जब तकनीक और अपराध के तरीके आज की तुलना में बिल्कुल अलग थे. विशेषज्ञों का मानना है कि 64 साल पुराना यह ढांचा वर्तमान की साइबर चुनौतियों, फॉरेंसिक आवश्यकताओं और आधुनिक मानवाधिकार मानकों के अनुरूप नहीं है.
नए मैनुअल से क्या बदलेगा?
नया पुलिस मैनुअल लागू होने से विभाग में कई
बदलाव आने की उम्मीद है. पुलिस की कार्यशैली में तकनीक का समावेश बढ़ेगा. इसके अलावा केस की जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रियाओं को सरल और वैज्ञानिक बनाया जाएगा. पुलिस कर्मियों के तबादले, पदोन्नति और कार्य आवंटन में अधिक स्पष्टता आएगी. साथ ही आधुनिक चुनौतियों जैसे साइबर क्राइम और संगठित अपराध से निपटने के लिए विशेष दिशा-निर्देश शामिल होंगे.

