Ranchi: जल संसाधन विभाग ने राज्य के बड़े बांधों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की व्यापक समीक्षा की कवायद शुरू कर दी है. डैम सेफ्टी एक्ट 2021 और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य में दो स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल का गठन किया जा रहा है. इसके लिए देश भर के अनुभवी और योग्य डोमेन एक्सपर्ट्स (विशेषज्ञों) से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के जलाशयों और बांधों की तकनीकी मजबूती को परखना और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टालना है.

क्या होगा काम
- व्यापक सुरक्षा मूल्यांकन: बांधों की बनावट, उनकी कार्यप्रणाली और उनके जलाशयों की वास्तविक स्थिति की गहराई से जांच करना.
- तकनीकी खामियों की पहचान: समय रहते बांधों में आने वाली तकनीकी या संरचनात्मक समस्याओं का पता लगाना और उनके स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञ सलाह देना.
- आपदा से बचाव: किसी भी आपात स्थिति, अत्यधिक बाढ़ या भूकंपीय झटकों के दौरान बांधों की सुरक्षा के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार करना.
पैनल की संरचना और विशेषज्ञता
प्रत्येक पैनल में एक चेयरमैन समेत कुल 8 विशेषज्ञ शामिल होंगे. कुल 2 पैनलों का गठन किया जाना है, जिसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को मौका दिया जाएगा, जिसमें डैम सेफ्टी एक्सपर्ट (बांध सुरक्षा विशेषज्ञ), डिजाइन एक्सपर्ट (डिफाइन और संरचना विशेषज्ञ), कंस्ट्रक्शन सुपरविज़न एक्सपर्ट (निर्माण निगरानी विशेषज्ञ), जियोलॉजिस्ट (भू-वैज्ञानिक), हाइड्रोलॉजिस्ट (जल विज्ञानी), हाइड्रो-मैकेनिकल एक्सपर्ट (जल-यांत्रिक विशेषज्ञ), इंस्ट्रुमेंटेशन एक्सपर्ट (उपकरण विशेषज्ञ) और सिस्मिक एक्सपर्ट (भूकंपीय विशेषज्ञ) शामिल हैं.
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विशेषज्ञों की क्या होगी भूमिका और क्या मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का यह पैनल पूरी तरह से सलाहकार के रूप में कार्य करेगा. इनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में बांधों का नियमित निरीक्षण करना, डिजाइन और हाइड्रोलॉजिकल डेटा की समीक्षा करना, रखरखाव की कमियों को दूर करना और सरकार को तकनीकी रिपोर्ट सौंपना शामिल है. पैनल के अध्यक्ष और सदस्यों को प्रत्येक ब्लॉक विज़िट के लिए 7500 रुपये प्रति दिन की दर से सिटिंग फीस दी जाएगी. इसके अलावा यात्रा के लिए श्रेणी के अनुसार हवाई या ट्रेन टिकट, ठहरने के लिए उच्चस्तरीय गेस्ट हाउस या होटल की सुविधा और क्षेत्र में घूमने के लिए वाहन की व्यवस्था विभाग द्वारा की जाएगी.
