Newswave Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों ने आस्था के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को संसद में उठाया जाएगा. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े दान, चढ़ावे और जमीन खरीद-फरोख्त में कई अनियमितताएं हुई हैं. उनका दावा है कि कुछ लोगों ने कम कीमत पर जमीन खरीदकर उसे कई गुना अधिक दाम पर मंदिर ट्रस्ट को बेचकर फायदा कमाया. उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया.
भाजपा और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के दोषी हैं!
देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा और उनके संगी-साथियों ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए जिस तरह :
– ‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चोरी की है
– गुप्त दान में महा-घपले किये हैं
– दान… pic.twitter.com/JRVAoLQx0X— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 30, 2026
जांच पर भी जताई नाराजगी
सपा प्रमुख ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सबूत मिटाने, सीसीटीवी रिकॉर्ड हटाने और निष्पक्ष जांच नहीं होने जैसी बातें सामने आई हैं. उनका कहना है कि जिन लोगों पर सवाल थे, उन्हीं से जांच कराई गई और बिना किसी जिम्मेदारी तय किए ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई.

संसद में उठाएंगे मुद्दा
अखिलेश यादव ने कहा कि यह मामला लोगों की आस्था और जनविश्वास से जुड़ा है, इसलिए इसे संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. भाजपा या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
