Chatra: जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की समीक्षा समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अभियान और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए.
कार्रवाई के आंकड़े प्रस्तुत
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 तक अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 17 वाहन जब्त, 13 प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा पकड़े गए 68 वाहनों से ₹23.24 लाख से अधिक की दंड राशि वसूल की गई है. वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक 76 वाहन जब्त, 30 प्राथमिकी दर्ज की गई थी तथा 78 वाहनों से ₹13.14 लाख से अधिक की दंड राशि वसूली गई थी.
कार्रवाई तेज करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि चालू वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है. उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से संयुक्त औचक छापेमारी अभियान चलाने तथा अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों में नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज करते हुए प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
NGT प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के आदेश के अनुपालन में जिले के कैटेगरी-Ⅰ बालूघाटों पर 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक मानसून अवधि में बालू खनन एवं परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है. इसके बावजूद विशेष रूप से इटखोरी, गिद्धौर, हंटरगंज एवं मयूरहंड क्षेत्रों से अवैध बालू खनन एवं परिवहन की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. इस पर उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को नदी घाटों पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
कोयला खदानों की निगरानी जारी
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि CCL पिपरवार क्षेत्र के सहयोग से टंडवा प्रखंड के कोइलारा स्थित अवैध कोयला खदानों के मुहानों को भरने की कार्रवाई की गई थी. इसके बाद लुर्कइया क्षेत्र में टास्क फोर्स द्वारा किए गए निरीक्षण में पूर्व में बंद किए गए मुहानों पर किसी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि नहीं पाई गई. उपायुक्त ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए जिले में खनिज संपदा की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए इसी प्रकार सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए.
VTD पंजीकरण और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
उपायुक्त ने CCL की सभी परियोजनाओं के पदाधिकारियों को कोयला परिवहन में लगे सभी वाहनों का वेब एप्लीकेशन के माध्यम से VTD पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने तथा इसकी प्रगति रिपोर्ट अगली बैठक से पूर्व जिला खनन कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

इसके अलावा झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, हजारीबाग के क्षेत्रीय पदाधिकारी को बिना CTE/CTO के संचालित क्रशर इकाइयों, खनन पट्टों, ईंट भट्ठों एवं अन्य खनन गतिविधियों के विरुद्ध प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने तथा स्वीकृत इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की नियमित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी (उत्तरी) राहुल मीणा, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, डीएसपी मुख्यालय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चतरा सन्नी वर्धन, जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद, CCL की विभिन्न परियोजनाओं के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
