Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक डॉ. एम. तौसीफ ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पर निशाना साधते हुए जेपीएससी विवाद को लेकर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि जेपीएससी से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसकी शुरुआत बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल से होनी चाहिए.
बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल की हो जांच
डॉ. तौसीफ ने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री रहते हुए उनके करीबी लोगों को जेपीएससी का अध्यक्ष और सदस्य बनाया गया. उन्होंने कहा कि उसी दौरान आयोग में कथित अनियमितताएं हुईं और बड़े पैमाने पर नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगे. उन्होंने दावा किया कि इन मामलों के विरोध में हजारों छात्र सड़क पर उतरे थे और बाद में जेपीएससी के पहले और दूसरे बैच से जुड़े मामले अदालत तक पहुंचे.
भाजपा पर शिक्षा व्यवस्था कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया. उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के कई मुख्यमंत्री रहे, लेकिन किसी ने भी जेपीएससी से जुड़े विवादों को गंभीरता से नहीं लिया.
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नीट पेपर लीक का भी उठाया मुद्दा
डॉ. तौसीफ ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार निष्पक्ष जांच कराने में सक्षम नहीं है.
भाजपा सांसदों पर साधा निशाना
कांग्रेस ने झारखंड के भाजपा सांसदों पर भी निशाना साधा. डॉ. तौसीफ ने कहा कि सांसद संसद परिसर में जेपीएससी-जेएसएससी के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नीट पेपर लीक जैसे राष्ट्रीय मुद्दे पर भी छात्रों के हित में आवाज उठानी चाहिए थी. उनका आरोप है कि भाजपा सांसद छात्रों के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं और केवल राजनीतिक प्रदर्शन कर रहे हैं.
