भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दिया इस्तीफा, क्या है इसकी वजह?

Newswave Desk: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को...

Shehzad Poonawalla
BJP National Spokesperson Shehzad Poonawalla resigns

Newswave Desk: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया है. हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. शहजाद पूनावाला ने भी कहा है कि वह जल्द ही अपने इस्तीफे को लेकर आधिकारिक बयान जारी करेंगे. फिलहाल उनके इस्तीफे की वजह साफ नहीं हो पाई है. बताया जा रहा है कि उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है. ऐसे में अब सभी की नजर उनके आधिकारिक बयान पर है.

शहजाद पूनावाला क्यों हैं चर्चा में?

38 वर्षीय शहजाद पूनावाला भाजपा के सबसे मुखर प्रवक्ताओं में गिने जाते हैं. टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर वह अक्सर मोदी सरकार का पक्ष रखते नजर आते हैं. हाल के वर्षों में वह भाजपा की प्रमुख आवाजों में शामिल रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके बायो में भाजपा का जिक्र नहीं है. हालांकि, उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजीवन समर्थक बताया है. वहीं, इंस्टाग्राम प्रोफाइल में अब भी उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता लिखा गया है.

क्या राजनीति से भी ले रहे हैं दूरी?

इस्तीफे की खबर सामने आने से एक दिन पहले शहजाद पूनावाला ने अपना एक पुराना इंटरव्यू दोबारा शेयर किया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह सक्रिय राजनीति से दूर होने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह पिछले 18-19 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ने का मन बना लिया था. हालांकि, दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की मदद के लिए वह सक्रिय रहे. अब उन्हें लगता है कि सक्रिय राजनीति से आगे बढ़ने का समय आ गया है.

कांग्रेस से भाजपा तक का सफर

शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2008 में कांग्रेस से की थी. उन्होंने एनएसयूआई के उपाध्यक्ष, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की मीडिया रिसर्च टीम के सदस्य और महाराष्ट्र कांग्रेस में सचिव जैसी जिम्मेदारियां निभाई. साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए चुनाव में पारदर्शिता नहीं बरती गई. इस मुद्दे पर खुलकर विरोध करने के बाद उनका कांग्रेस से विवाद बढ़ गया और आखिरकार उन्होंने पार्टी छोड़ दी. इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाली.

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