Chatra: जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी ने लिपिक सह भंडारपाल विकांत नायक के विरुद्ध प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. इस बाबत जिला संयुक्त औषधालय, चतरा में कार्यरत लिपिक के जुलाई 2026 माह के वेतन की निकासी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. यह कार्रवाई कार्यालय आदेश संख्या-257, दिनांक 30 जुलाई 2026 के तहत की गई है. जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम नंदन तिवारी ने बताया कि कार्यालय में अनुशासनहीनता, प्रशासनिक अनियमितता एवं सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों को गंभीर मानते हुए लापरवाह लिपिक के वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है. साथ ही मामले से निदेशक आयुष, झारखंड को अवगत करा दिया गया है तथा उनके निर्देश के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
कार्यालय अभिलेखों एवं उपस्थिति पंजी के संचालन में भी बरती गई अनियमितता
जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि लिपिक सह भंडारपाल विकांत नायक बिना सक्षम अनुमति के कार्यालय कार्यों में लगातार मनमानी करने करते थे. इसके अलावा उनके द्वारा कार्यालय अभिलेखों एवं उपस्थिति पंजी के संचालन में भी अनियमितता बरती गई है. साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की भी उनके द्वारा अवहेलना कि जा रही थी. लिपिक सह भंडारपाल पर कार्यालय से अनुपस्थित रहने के बावजूद उपस्थिति दर्ज करने का भी आरोप है. इतना ही नहीं कार्यालय आदेश के अनुसार लिपिक पर महिला कर्मियों के लिए निर्धारित सुविधाओं एवं कार्य व्यवस्था में अनाधिकृत रूप से हस्तक्षेप, सरकारी संसाधनों का गलत तरिके से उपयोग व वित्तीय वर्ष 2025-26 के आयुष कार्यक्रमों से संबंधित राशि एवं अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है. साथ ही कार्यालय व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कार्यों में भी उनकी संलिप्तता रही है.
शिकायत पत्र में पूर्व के मामलों की भी चर्चा
विभाग को भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार लिपिक विकांत नायक पर पूर्व में भी लगभग 30 लाख रुपये के कथित गबन के आरोप लगाए गए थे. इस मामले में जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रधान सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड तथा निदेशक आयुष, झारखंड को भेजी गई थी. संबंधित मामले में विभागीय जांच एवं कार्रवाई को लंबित बताया गया है. जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी ने कार्रवाई की प्रतिलिपि
निदेशक, आयुष, झारखंड व
उपायुक्त को भी प्रेषित किया है.

आयुष निदेशक के निर्देश के बाद होगा वेतन का भुगतान
कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निदेशक आयुष, झारखंड से मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त होने के बाद ही लिपिक के वेतन भुगतान एवं अन्य विभागीय कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल विभाग ने मामले को गंभीर प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है.
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