Giridih: श्रावणी मेले के दौरान देवघर जाने वाले लाखों कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गिरिडीह पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है. रविवार को पपरवाटांड़ स्थित पुलिस लाइन गेट के समीप पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने कांवरिया सेवा शिविर का उद्घाटन किया. इस शिविर का उद्देश्य लंबी दूरी तय कर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके.

उद्घाटन में मौजूद रहे कई पुलिस अधिकारी
उद्घाटन कार्यक्रम में सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव, नगर थाना प्रभारी, मुफस्सिल थाना प्रभारी, पचंबा थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद रहे. अधिकारियों ने शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और कांवरियों से बातचीत कर उनकी जरूरतों की जानकारी भी ली.

एसपी बोले, कांवरियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने कहा कि श्रावणी मेला आस्था का सबसे बड़ा पर्व है और गिरिडीह होकर बड़ी संख्या में कांवरिये देवघर जाते हैं. ऐसे में उनकी सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि शिविर में निःशुल्क शुद्ध पेयजल, बैठने और आराम करने की समुचित व्यवस्था की गई है. आवश्यकता पड़ने पर पुलिसकर्मी हर संभव सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे.
पुलिस निभा रही सामाजिक दायित्व
एसपी ने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन कर रही है. कांवरियों की सेवा करना भी उसी जिम्मेदारी का हिस्सा है. उन्होंने श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित मार्ग से यात्रा करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की.
कांवरियों ने की पहल की सराहना
शिविर का लाभ उठा रहे कांवरियों ने इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की. श्रद्धालुओं ने कहा कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान पेयजल और विश्राम की व्यवस्था काफी राहत देने वाली है. उन्होंने गिरिडीह पुलिस और विशेष रूप से एसपी डॉ. विमल कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्था से पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और सम्मान बढ़ता है.

जनसेवा का संदेश दे रही गिरिडीह पुलिस
श्रावणी मेले के दौरान गिरिडीह पुलिस की यह पहल न केवल श्रद्धालुओं को राहत पहुंचा रही है, बल्कि यह भी संदेश दे रही है कि पुलिस जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बताया.
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