Ranchi: राज्य सरकार ने प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय में राज्य कर्मियों से जुड़े कार्यों के डिजिटलीकरण के तीसरे चरण के लिए 46.85 लाख रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है. इस राशि का उपयोग पुरानी पेंशन फाइलों, सेवा रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और डिजिटल पोर्टल के विस्तार पर किया जाएगा.
कार्यालय की सेवाएं
प्रधान महालेखाकार कार्यालय मुख्य रूप से दो प्रकार की हकदारी सेवाएं प्रदान करता है; पहला—सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन भुगतान आदेश जारी करना, और दूसरा—राज्य के वर्ग-1 के राजपत्रित अधिकारियों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का वेतन पूर्जा जारी करना.

मैनुअल प्रणाली से मुक्ति
वर्तमान में पेंशनभोगियों और सेवारत कर्मचारियों की व्यक्तिगत फाइलों का रखरखाव मैनुअल प्रणाली से होता है. इससे मामलों के त्वरित निष्पादन और पुराने रिकॉर्ड खोजने में भारी कठिनाई होती है. इसी समस्या के समाधान के लिए रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन और डिजिटल किया जा रहा है.

डिजिटलीकरण के लिए अब तक कितनी राशि की स्वीकृति
- प्रथम चरणः 64.33 लाख रुपये स्वीकृत किए गए.
- द्वितीय चरण 50.037 लाख रुपये प्रदान किए गए.
- तृतीय चरणः 46.85 लाख रुपए की स्वीकृति

