News Wave Desk : सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं. ऐसे में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भोजन की तलाश भी बढ़ जाती है. व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक मानी जाती है. यह हल्की, सुपाच्य और शरीर को भरपूर ऊर्जा देने वाली डिश है.
साबूदाना खिचड़ी बनाने विधि
साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाना को अच्छी तरह धोकर 4 से 6 घंटे या रातभर के लिए भिगो दें. ध्यान रखें कि पानी उतना ही हो, जिससे साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए और दाने अलग-अलग रहें. इसके बाद साबूदाना में दरदरी पिसी हुई भुनी मूंगफली और सेंधा नमक मिलाएं. अब एक कड़ाही में घी या मूंगफली का तेल गर्म करें. इसमें जीरा, हरी मिर्च और कटे हुए आलू डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद तैयार साबूदाना डालकर धीमी आंच पर 3 से 5 मिनट तक चलाते हुए पकाएं. जब साबूदाने के दाने पारदर्शी दिखाई देने लगें, तब गैस बंद कर दें. आखिर में नींबू का रस और हरा धनिया डालकर गरमा-गरम परोसें.

विशेषज्ञों के अनुसार
विशेषज्ञों के अनुसार, साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, जबकि मूंगफली से प्रोटीन और हेल्दी फैट मिलता है. इसलिए यह व्रत के दौरान लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि, इसे अधिक देर तक पकाने से खिचड़ी चिपचिपी हो सकती है, इसलिए इसे केवल आवश्यक समय तक ही पकाएं. अगर आप सावन के व्रत में स्वाद और सेहत का बेहतरीन संतुलन चाहते हैं, तो साबूदाना खिचड़ी एक आसान, पौष्टिक और बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है.

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