Chaibasa: इच्छाशक्ति, समर्पण और नवाचार के बल पर सरकारी स्कूलों की तस्वीर कैसे बदली जा सकती है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित मांगीलाल रूंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय की प्राचार्या शिल्पा गुप्ता ने पेश किया है. उनके इस अद्वितीय शैक्षणिक योगदान और विद्यालय के कायाकल्प को देखते हुए झारखंड सरकार ने वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए राज्य से अनुशंसित तीन शिक्षकों की सूची में उनका नाम शामिल किया है. 39 वर्षीय शिल्पा गुप्ता का नाम वर्ष 2021 के बाद दूसरी बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए भेजा गया है.

30 लाख रुपये का फंड जुटाकर बनाईं स्मार्ट क्लास
सरकारी विद्यालयों में संसाधनों की कमी के बावजूद प्राचार्या शिल्पा गुप्ता ने हार नहीं मानी उन्होंने विद्यालय के पूर्व छात्रों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी माध्यमों से संपर्क साधकर करीब 30 लाख रुपये का फंड जुटाया. इस राशि का पारदर्शी उपयोग करते हुए उन्होंने विद्यालय परिसर में 6 अत्याधुनिक ‘स्मार्ट क्लास’ का निर्माण कराया. इन सभी कक्षाओं में आधुनिक तकनीक से लैस प्रोजेक्टर, एलसीडी स्क्रीन, डिजिटल शिक्षण सामग्री और हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.

ग्रामीण बच्चों को मिल रही डिजिटल शिक्षा
स्मार्ट क्लास की स्थापना से पश्चिमी सिंहभूम के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक पर आधारित शिक्षा का सीधा लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही, विद्यालय के शिक्षक भी अब कठिन विषयों को ऑडियो-विजुअल और डिजिटल माध्यमों से अधिक प्रभावी व रुचिकर तरीके से पढ़ा पा रहे हैं, जिससे छात्रों की उपस्थिति और परिणाम दोनों में सुधार देखा गया है.

पहले भी मिल चुके हैं कई प्रतिष्ठित सम्मान
- – शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और अनुकरणीय योगदान के लिए शिल्पा गुप्ता को पहले भी कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है.
- – वर्ष 2018 और 2019: जिलास्तरीय सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार (पश्चिमी सिंहभूम)
- – वर्ष 2019: झारखंड सरकार द्वारा राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राचार्या की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, पूर्व छात्रों और जिले के शिक्षा विभाग में हर्ष का माहौल है
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