Ranchi: अपनी मांगों को लेकर मुखर झारखंड सचिवालय सेवा संघ का विरोध प्रदर्शन गुरुवार से परवान चढ़ चुका है. सरकार की कथित वादाखिलाफी और तानाशाही रवैये से नाराज सचिवालय कर्मियों ने आज से काला बिल्ला लगाकर कामकाज करने का सिलसिला शुरू कर दिया है. यह विरोध प्रदर्शन आगामी 12 अगस्त तक अनवरत जारी रहेगा, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है.

मानव श्रृंखला से लेकर काला बिल्ला तक
आंदोलन के पूर्व निर्धारित और आक्रामक कार्यक्रमों के तहत, सचिवालय सेवा संघ ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर एक बड़े रक्तदान शिविर के आयोजन के साथ राज्य सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराया था. 5 अगस्त को सचिवालय परिसर के भीतर मानव श्रृंखला बनाकर सरकार को पहली चेतावनी दी गई. 6 अगस्त से आंदोलन के दूसरे चरण में संघ के तमाम सदस्यों ने बांहों पर काला बिल्ला बांधकर अपने दफ्तरों में सरकारी कामकाज निपटाया. यह विरोध 12 अगस्त तक कड़े तेवर के साथ जारी रहेगा.

सचिवालय सेवा संघ क्यों है आक्रोशित
संघ का आरोप है कि सरकार कैडर रिव्यू की प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं ले रही, बल्कि इसे सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनाकर रख दिया गया है.प्रोन्नति नीति (प्रमोशन पॉलिसी) में एकतरफा बदलावों ने सचिवालय कर्मियों के करियर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा और आक्रोश है. पूर्व में जब दबाव बढ़ा था, तब सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि कैडर रिव्यू कमेटी में संघ के पदाधिकारियों को आधिकारिक सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा.आश्वासन के चंद दिनों बाद ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मनमानी के नए रास्ते तलाश लिए.जब संघ के कड़े विरोध के बाद बैठकों की तारीखों की जानकारी मिलने लगी, तो नया पेंच खड़ा कर दिया गया. बैठकों में बतौर सदस्य शामिल किए गए संघ के पदाधिकारियों को ही किसी भी प्रकार के आधिकारिक दस्तावेज या फाइलें देखने तक नहीं दी जा रही हैं.

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