Giridih: 9 और 10 अगस्त को नगर भवन, गिरिडीह में आयोजित होने वाले आदिवासी महोत्सव की तैयारियों को लेकर उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने गुरुवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में समीक्षा बैठक की. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी ली गई और आयोजन को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

समय-सीमा के भीतर तैयारी पूरी करने का निर्देश
उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं. उन्होंने बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए आयोजन को सफल और भव्य बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष आदिवासी महोत्सव को आकर्षक और विशेष स्वरूप दिया जाएगा, ताकि जिले की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को बड़े स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके.

महोत्सव में दिखेगी आदिवासी संस्कृति की झलक
आदिवासी महोत्सव में आगंतुकों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, फूड स्टॉल, आदिवासी पारंपरिक नृत्य एवं संगीत, नाट्य मंचन, पारंपरिक कला, वेशभूषा प्रदर्शनी समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. महोत्सव का उद्देश्य आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को आम लोगों तक पहुंचाना है.

प्रतिमाओं की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के निर्देश
बैठक में नगर निगम को जिले में स्थापित आदिवासी महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आसपास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा सभी माननीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को समय पर आमंत्रण पत्र उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया.
आदिवासी परंपरा के अनुरूप सजाया जाएगा महोत्सव स्थल
उप विकास आयुक्त ने कहा कि महोत्सव स्थल को आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की झलकियों से विशेष रूप से सजाया जाएगा. इससे आगंतुकों को आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत का सजीव अनुभव मिलेगा. उन्होंने सभी विभागों को अपने दायित्वों का गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि आयोजन गरिमापूर्ण, सफल और जनसहभागिता से परिपूर्ण हो सके. बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.
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