Hazaribagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के सामने आदिवासी छात्र संघ और भारतीय आदिवासी कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में संथाली समेत आदिवासी भाषाओं की पढ़ाई की मांग को लेकर धरना दिया गया. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आंदोलन में शामिल हुए.

संथाली भाषा का पोर्टल खोलने की मांग
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग संत कोलंबस कॉलेज के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले अन्य कॉलेजों में भी संथाली भाषा के लिए पोर्टल खोलने की है, ताकि विद्यार्थी इस भाषा की पढ़ाई कर सकें.

वार्ता के आश्वासन पर धरना स्थगित
संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के आग्रह और 6 अगस्त को कुलपति व कुलसचिव के साथ वार्ता के आश्वासन के बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया.

कुड़ुख और मुंडारी भाषा के लिए भी उठी मांग
जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति के सदस्य रमेश कुमार हेम्ब्रोम ने सरकार से VBU में संथाली के साथ कुड़ुख और मुंडारी भाषा के लिए पद सृजित करने तथा स्नातकोत्तर पढ़ाई शुरू करने की मांग की.
जनजातीय अध्ययन केंद्र को सक्रिय करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में बने जनजातीय अध्ययन केंद्र को सक्रिय करने की मांग भी उठाई. उनका कहना है कि भवन तैयार होने के बावजूद विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. अब 6 अगस्त को होने वाली वार्ता पर सभी की नजर है, इसमें संथाली भाषा के पोर्टल सहित आदिवासी भाषाओं की पढ़ाई से जुड़ी मांगों पर चर्चा होने की संभावना है.

