Ranchi: माइनिंग कंपनी शाह ब्रदर्स के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कंपनी को नोटिस जारी किया है. अदालत अब इस मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगी. माइनिंग कंपनी शाह ब्रदर्श के विरुद्ध भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन पुनर्वास समिति की ओर से सरकार को रॉयल्टी का चूना लगाने का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका दायर की गई है. इसके साथ ही झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने भी शाह ब्रदर्स के विरुद्ध जनहित याचिका दायर की है. इस याचिका पर भी मंगलवार को सुनवाई हुई और कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. राम सुभग सिंह खुद अपनी जनहित याचिका पर बहस कर रहे हैं.
शाह ब्रदर्स द्वारा सरकार को 700 करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व की हानि
इस जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायधीश जस्टिस आर मुखोपाध्याय और न्यायधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की खंडपीठ में सुनवाई हुई. वहीं प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता विनय तिवारी ने बहस की याचिका में कहा है, कि शाह ब्रदर्स द्वारा सरकार को 700 करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व की हानि की गई है. यह मामला WPS No 2013/20 दिनांक 21/5/21 को ग्रीष्मावकाश में दिए आदेश से संबंधित है.
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