News Wave Desk : फाइलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मच्छर के काटने से फैलती है. इसे आम भाषा में हाथीपांव भी कहा जाता है. यह बीमारी शरीर की लसीका प्रणाली को प्रभावित करती है और समय पर ध्यान न देने पर पैरों, हाथों या शरीर के अन्य हिस्सों में लंबे समय तक सूजन की समस्या हो सकती है.
फाइलेरिया के शुरुआती चरण
फाइलेरिया के शुरुआती चरण में कई लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. बाद में पैर या हाथ में सूजन, भारीपन, दर्द और त्वचा के मोटे होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. कुछ मामलों में पुरुषों में अंडकोश में सूजन भी हो सकती है.

फाइलेरिया से बचाव के लिए मच्छरों से बचना है बेहद जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार फाइलेरिया से बचाव के लिए मच्छरों से बचना बेहद जरूरी है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और शरीर को मच्छरों से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें. फाइलेरिया की रोकथाम के लिए सरकार समय-समय पर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान चलाती है, जिसके तहत पात्र लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं दी जाती हैं. यदि किसी व्यक्ति के पैर या शरीर के किसी हिस्से में लगातार असामान्य सूजन दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच कराना चाहिए. समय पर पहचान और उचित उपचार से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
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