सरायकेला: सरायकेला में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) ने झारखंड सरकार द्वारा कुछ भर्ती प्रक्रियाओं पर रोक लगाने के फैसले का विरोध किया है. संगठन के राज्य सचिव हाराधन महतो ने बयान जारी कर कहा, कि सरकार युवाओं को रोजगार के नाम पर बार-बार गुमराह कर रही है.

दो महत्वपूर्ण नियुक्ति प्रक्रियाओं पर रोक
AIDYO की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया, कि सरकार ने “अपरिहार्य कारण” बताते हुए दो महत्वपूर्ण नियुक्ति प्रक्रियाओं को रोक दिया है. इनमें लोकायुक्त सूचना आयुक्तों की नियुक्ति और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 355 लेक्चरर की भर्ती शामिल है. संगठन का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही इन भर्तियों पर रोक लगा दी गई, जो बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है.
अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई
हाराधन महतो ने कहा कि पिछले 6 से 8 महीनों में राज्य में कई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा अलग-अलग विभागों में 8 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी. इनमें राज्य सिविल सेवा, पॉलिटेक्निक लेक्चरर, ड्रग इंस्पेक्टर, विशेष शिक्षक, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और जेल स्टाफ जैसे पद शामिल हैं.
संगठन का आरोप है कि कई भर्तियों में आवेदन लिए गए और कुछ की परीक्षा का शेड्यूल भी जारी हुआ, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है. वहीं सरकार द्वारा आने वाले समय में 2400 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती की बात कही गई है, लेकिन उस प्रक्रिया में भी काफी धीमापन दिखाई दे रहा है.
युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए उठाए जाएं ठोस कदम
AIDYO ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले हर साल लाखों युवाओं को नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है. इसके साथ ही संगठन ने नशे के मुद्दे पर भी सरकार की नीति पर सवाल उठाए. AIDYO का कहना है कि एक तरफ सरकार शराब बिक्री के लिए लाइसेंस जारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नशे पर रोक लगाने के लिए हर जिले में विशेष टास्क फोर्स बनाने की घोषणा कर रही है. संगठन ने इसे विरोधाभासी और दिखावटी कदम बताया.
अंत में AIDYO ने सरकार से मांग की है, कि राज्य में जारी सभी भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए और खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाए. साथ ही युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए समाज में नशे पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
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