सरायकेला: चांडिल अनुमंडल के तारकुआं/मानिकुई पुनर्वास स्थल पर भू-माफिया द्वारा समानांतर बस्ती बसाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि बाहरी लोगों से तीन-तीन लाख रुपये लेकर रातों-रात घर बनाकर बसाया जा रहा है.
विस्थापितों का कहना है कि चांडिल पुनर्वास कार्यालय के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से प्लॉटों की बंदोबस्ती की जा रही है, जबकि शिकायतें करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है.
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मूल विस्थापित अब भी परेशान
चांडिल डैम जलाशय के तहत 84 मौजा और 116 गांवों के विस्थापित, जिनमें कल्याणपुर, बाबूचामदा, बांदू, दुलमी, निमटाड़, गोपालपुर और काशीपुर जैसे गांव शामिल हैं, के कार्डधारी परिवार पुनर्वास स्थल पर रह रहे हैं. बावजूद इसके, कई वास्तविक विस्थापित परिवार आज भी विकास पुस्तिका और कार्ड के लिए भटक रहे हैं.
आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से भू-माफिया द्वारा जमीन पर कब्जा और बसावट का खेल जारी है. लिखित शिकायतें देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे विस्थापितों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
