रांची: रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली रेड बर्ड एविएशन कंपनी की एक एयर एंबुलेंस (मेडिकल एयरक्राफ्ट) सोमवार शाम को चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित करमाटांड़ गांव के पास घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई है. इस हादसे में विमान में सवार सात लोगों की मौत हो गई. जिनमें मरीज उसके परिजन, नर्स और क्रू मेंबर शामिल है. इस एयर एंबुलेंस रांची के रहने वाले 41 वर्षीय संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था. संजय कुमार आग लगने की वजह से गंभीर रूप से झुलस गए थे. वह देवकमल हॉस्पिटल में भर्ती थे.

इन सात लोगों की हुई मौत:
-विवेक विकास भगत: पायलट
-सबराजदीप सिंह: पायलट
-संजय कुमार: मरीज
-अर्चना देवी: परिजन
-धूरू कुमार: परिजन
-विकास कुमार गुप्ता: डॉक्टर
-सचिन कुमार मिश्रा: नर्स
एटीसी से टूटा संपर्क, रडार से हुआ गायब विमान:
जानकारी के अनुसार, विमान ने रांची से मरीज को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही सोमवार शाम को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान का संपर्क शाम के 7.34 बजे अचानक टूट गया और वह रडार से गायब हो गया.काफी देर तक संपर्क न हो पाने के बाद खोजबीन शुरू की गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों के जरिए विमान के क्रैश होने की सूचना मिली.
जानकारी के अनुसार, विमान ने रांची से मरीज को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही सोमवार शाम को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान का संपर्क शाम के 7.34 बजे अचानक टूट गया और वह रडार से गायब हो गया.काफी देर तक संपर्क न हो पाने के बाद खोजबीन शुरू की गई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों के जरिए विमान के क्रैश होने की सूचना मिली.
खराब मौसम बना हादसे की वजह?:

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आज रांची और आसपास के इलाकों में मौसम काफी खराब था. घने बादल और कम दृश्यता के कारण एयरक्राफ्ट का सिग्नल रांची एयरपोर्ट से टूट गया होगा. आशंका जताई जा रही है कि खराब मौसम और पहाड़ी इलाका होने की वजह से पायलट विमान पर नियंत्रण नहीं रख पाए और यह हादसा हो गया.घटना की जानकारी मिलते ही चतरा जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। स्थानीय नागरिकों ने सबसे पहले धुंआ और मलबे को देखकर पुलिस को सूचित किया. सिमरिया पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और घने जंगल होने के बावजूद राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है.अंधेरा और दुर्गम रास्ता होने के कारण बचाव दल को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.


