रांची: झारखंड स्टेट बार काउंसिल (JSBC) के चुनाव संपन्न होने के बाद अब जैसे-जैसे काउंटिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे विवाद गहराता नजर आ रहा है. चुनाव में उम्मीदवार अनामिका शर्मा (सीरियल नंबर 8) ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रिटायर्ड जस्टिस अंबुज नाथ को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया में भारी अनियमितता, बोगस वोटिंग और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है.
चुनाव रद्द कर दोबारा मतदान की मांग
अनामिका शर्मा ने इस पूरे चुनाव को रद्द कर दोबारा मतदान कराने की आधिकारिक मांग की है. शिकायत के लिए लिखे गए पत्र में उन्होंने पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि काउंटिंग प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी उम्मीदवारों को CCTV कैमरों का पासवर्ड उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
CCTV पासवर्ड नहीं देने पर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उपलब्ध कराई जा सकने वाली यह सुविधा जानबूझकर रोकी गई. इससे काउंटिंग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
मतदान से ज्यादा निकले मतपत्र
उम्मीदवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धनबाद, रांची और बोकारो जैसे केंद्रों पर बैलेट पेपर की संख्या रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों से कहीं अधिक पाई गई है. इससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं.
रांची सिविल कोर्ट का बूथ सवालों के घेरे में
पत्र में रांची सिविल कोर्ट के बूथ नंबर 7 का जिक्र करते हुए उसे “जादू का पिटारा” बताया गया है. अनामिका शर्मा के अनुसार बैलेट बॉक्स को सील तो किया गया था, लेकिन उस पर किसी अधिवक्ता या प्रत्याशी के हस्ताक्षर नहीं थे.
बिना सत्यापन हुई मतगणना
उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के उस बॉक्स के मतपत्रों की गणना की गई, जो पूरी तरह अनुचित है. इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं.
निर्वाचन पदाधिकारी से जवाब की मांग
अनामिका शर्मा ने निर्वाचन पदाधिकारी से स्पष्ट जवाब मांगा है कि जब मतदान कम हुआ, तो मतपत्र ज्यादा कैसे निकले. साथ ही उन्होंने मतगणना से पहले उम्मीदवारों की बैठक नहीं बुलाने पर भी आपत्ति जताई है.
