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लेबर कोड के खिलाफ पतरातू में हजारों मजदूरों का फूटा आक्रोश: PVUNL प्लांट में काम ठप, काला दिवस मनाकर जताया विरोध

Ramgarh: केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को समाहित कर लागू किए गए चार नए लेबर कोड के विरोध में बुधवार को...

Ramgarh: केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को समाहित कर लागू किए गए चार नए लेबर कोड के विरोध में बुधवार को झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू में मजदूरों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला. पीवीयूएनएल के निर्माणाधीन पावर प्लांट में कार्यरत हजारों मजदूरों ने एक साथ हड़ताल पर जाकर काम पूरी तरह ठप कर दिया. मजदूरों ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

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नए लेबर कोड को बताया मजदूर विरोधी

हड़ताल के दौरान प्लांट परिसर के बाहर मजदूरों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी मजदूरों का स्पष्ट कहना था कि नए लेबर कोड पूरी तरह से कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में हैं और इससे मजदूरों के वर्षों पुराने अधिकार छिन जाएंगे. उनके अनुसार, इन बदलावों से न केवल उनकी नौकरी की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी, बल्कि उनके शोषण का मार्ग भी प्रशस्त होगा.

शोषण के गंभीर आरोप, 12 घंटे काम और कम वेतन

मजदूरों ने विशेष रूप से भेल द्वारा संचालित कंपनियों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए. मजदूरों की मुख्य शिकायतें यह हैं कि मजदूरों से प्रतिदिन 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है. इतनी कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें केवल 15 से 16 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में नाकाफी है. कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे आए दिन हादसों का डर बना रहता है.

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एनटीपीसी मजदूर यूनियन (एटक) का समर्थन

इस व्यापक आंदोलन को एनटीपीसी मजदूर यूनियन (एटक) पतरातू का पूर्ण समर्थन मिला. मौके पर पहुंचे यूनियन नेता मनोज कुमार महतो ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन हमेशा से मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ता आया है. मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज करना प्रबंधन की बड़ी भूल होगी. जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं और लेबर कोड जैसे काले कानूनों पर पुनर्विचार नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा.

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