नई दिल्ली/बोकारो: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी खबर है. गृह मंत्रालय के निर्देश पर CISF मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दी जाने वाली कठिनाई भत्ता को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी कर दिया है. इस फैसले का सीधा असर झारखंड और पश्चिम बंगाल की 55 महत्वपूर्ण इकाइयों में तैनात हजारों कर्मियों के वेतन पर पड़ेगा.

नक्सल मुक्त योजना के तहत लिया गया फैसला
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 31 मार्च तक देश को नक्सल मुक्त करने के लक्ष्य के साथ यह कदम उठाया है. मंत्रालय का मानना है कि अब कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से बाहर आ चुके हैं, इसलिए वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को अतिरिक्त कठिनाई भत्ता देना तर्कसंगत नहीं है. 2017 से लागू इस व्यवस्था को अब समाप्त कर दिया गया है.
वेतन पर पड़ेगा भारी असर
भत्ते पर रोक लगने से जवानों और अधिकारियों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ेगा. अब तक मिलने वाली सुविधाएं इस प्रकार थीं. जिनमें कांस्टेबल से इंस्पेक्टर स्तर 10 हजार रुपया प्रतिमाह, सहायक कमांडेंट से डीआईजी स्तर 17 हजार रुपये प्रतिमाह.
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प्रभावित होने वाली मुख्य इकाइयां
इस आदेश से बीएसएल (बोकारो), बीसीसीएल (धनबाद), सीसीएल (करगली), बीटीपीएस (बोकारो थर्मल), और चंद्रपुरा डीवीसी जैसी बड़ी इकाइयों में कार्यरत लगभग 15 हजार कर्मी प्रभावित होंगे.
किन क्षेत्रों पर होगा सबसे ज्यादा असर
सीआईएसएफ दिल्ली मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, कुल 55 इकाइयों में से सबसे ज्यादा 43 इकाइयां पूर्वी खंड (रांची) के अधीन आती हैं. इनमें प्रमुख रूप से बोकारो के BSL, BPSCL, BTPS और CTPS शामिल.है.
इसके अलावा धनबाद के बीसीसीएल (करीब 4000 बल सदस्य) और रांची, हजारीबाग, कोडरमा, गया, बरौनी, पटना और पुरुलिया की इकाइयां शामिल है.
