गुमला में बड़ा कदम: 31 लाभुकों को मशरूम किट, महिलाओं की आय बढ़ाने की पहल

गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के क्षेत्र भ्रमण के बाद जिला प्रशासन ने उरुगुट्टू गांव के ग्रामीणों से किए गए वादे को पूरा...

गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के क्षेत्र भ्रमण के बाद जिला प्रशासन ने उरुगुट्टू गांव के ग्रामीणों से किए गए वादे को पूरा करते हुए कामडारा प्रखंड के उरुगुट्टू गांव में कुल 31 लाभुकों के बीच मशरूम किट का वितरण किया. साथ ही एग्रीगेट के सहयोग से लाभुकों को मशरूम उत्पादन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे इसे आजीविका के एक मजबूत माध्यम के रूप में अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें.

ज्ञात हो कि उपायुक्त ने 11 मार्च 2026 को प्रोजेक्ट द्वार के तहत कामडारा प्रखंड के रामतोलिया पंचायत अंतर्गत उरुगुट्टू गांव का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने गांव में चल रही विकास योजनाओं, कृषि गतिविधियों और महिला समूहों की भागीदारी का जायजा लिया था. भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने महिला समूहों और ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे.

उपायुक्त के निर्देश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उरुगुट्टू गांव के 31 लाभुकों के बीच मशरूम किट का वितरण किया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में एग्रीगेट के सहयोग से लाभुकों को मशरूम उत्पादन की तकनीक, रखरखाव, उपयुक्त वातावरण, उत्पादन प्रक्रिया और इससे होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

इस पहल से ग्रामीणों, खासकर महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं में उत्साह देखा गया. ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उपायुक्त के भ्रमण के दौरान जो भरोसा दिलाया गया था, उसे समय पर पूरा कर प्रशासन ने विश्वास को और मजबूत किया है.

उरुगुट्टू गांव, जो सुदूर क्षेत्र में स्थित है, वहां पहले से ही कृषि और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं. मशरूम उत्पादन की यह पहल ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, के लिए आय बढ़ाने का नया अवसर प्रदान करेगी.

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाकर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों को आगे भी तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक सहयोग और बाजार से जोड़ने का कार्य जारी रखा जाए, ताकि मशरूम उत्पादन स्थायी आजीविका बन सके.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *