Ranchi: बिहार और झारखंड में टैक्स चोरी रोकने और रिटर्न फाइलिंग का दायरा बढ़ाने के लिए आयकर विभाग ने अभियान छेड़ दिया है. प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने खुलासा किया है कि दोनों राज्यों में 5.5 करोड़ पैन कार्ड धारक हैं, लेकिन आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या महज 40 लाख है. इसमें झारखंड के 60 फीसदी और बिहार के 40 फीसदी लोग ही शामिल हैं.
‘प्रारंभ’ नाम से चलेगा विशेष अभियान
इस भारी अंतर को पाटने के लिए विभाग ‘प्रारंभ’ नामक विशेष अभियान चलाने जा रहा है. 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए आयकर कानून के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 21 मई को पटना से इस मिशन का आगाज होगा. इसके बाद मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और गया होते हुए यह अभियान झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद जैसे प्रमुख शहरों में पहुंचेगा.

तकनीक के दौर में लेन-देन छिपाना मुश्किल
डॉ. राव ने कहा है कि अब तकनीक के युग में लेन-देन छिपाना नामुमकिन है. एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) के माध्यम से हर ट्रांजेक्शन की जानकारी सरकार तक पहुंच रही है.
फॉर्म-60 की जगह अब फॉर्म-97
उन्होंने बताया कि नया कानून टैक्सपेयर्स के लिए सरल बनाया गया है, लेकिन कुछ अहम बदलाव भी हुए हैं. अब फॉर्म-60 के स्थान पर नया फॉर्म-97 प्रभावी हो गया है. विभाग का लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर इस नए कानून को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि टैक्स चोरी पर लगाम लगे और राजस्व में बढ़ोतरी हो सके.
