Ranchi: रांची नगर निगम ने जन्म और मृत्यु निबंधन की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. लंबित आवेदनों को तेजी से निपटाने के कारण पिछले कुछ महीनों में पेंडिंग मामलों में काफी कमी आई है. इसे लेकर बुधवार, 11 मार्च को नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में जन्म-मृत्यु शाखा के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई. बैठक में लंबित मामलों को जल्दी निपटाने और लोगों को बेहतर सेवा देने को लेकर चर्चा की गई.
अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई
आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में जन्म निबंधन के 2,486 और मृत्यु निबंधन के 1,408 मामले लंबित थे. अधिकारियों की लगातार निगरानी और प्रयास से दिसंबर 2025 तक यह संख्या घटकर जन्म के 559 और मृत्यु के 481 मामलों तक पहुंच गई. इसके बाद काम और तेज किया गया, जिससे 28 फरवरी 2026 तक लंबित मामलों में और कमी आई. फिलहाल जन्म निबंधन के 179 और मृत्यु निबंधन के 162 मामले ही लंबित हैं. जन्म निबंधन में देर से आए 21 आवेदन लंबित हैं, 3 आवेदन निगम स्तर पर लंबित हैं, जबकि 150 आवेदन अस्पताल से जानकारी आने का इंतजार कर रहे हैं. इसके अलावा 5 आवेदन एसडीओ/डीएसओ स्तर पर लंबित हैं. वहीं मृत्यु निबंधन में 121 आवेदन निगम स्तर पर लंबित हैं, 5 देर से आवेदन आए हैं, 28 मामलों में अस्पताल से जानकारी मांगी गई है और 8 आवेदन एसडीओ/डीएसओ स्तर पर लंबित हैं.
बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें : प्रशासक
बैठक में प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि हर नागरिक को तय समय में सेवा देना नगर निगम की जिम्मेदारी है. इसलिए जन्म और मृत्यु निबंधन की प्रक्रिया को और सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा. नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम परिसर में जल्द ही एक हेल्प डेस्क (सहायता काउंटर) बनाया जाएगा. यहां लोगों को जन्म-मृत्यु निबंधन की जानकारी, नाम या तारीख में गलती सुधारने, पुराने रजिस्ट्रेशन की जांच और आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में मदद दी जाएगी. प्रशासक ने लोगों से अपील की है कि जन्म-मृत्यु निबंधन के लिए बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें और आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा करें. साथ ही निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को भी निर्देश दिया गया है कि वे जन्म और मृत्यु की जानकारी समय पर नगर निगम के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करें.
