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निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव के लिए चुनाव आयोग सख्त, 17 राज्यों के साथ की हाई-लेवल मीटिंग

नई दिल्ली/ रांची: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी आम चुनावों और उपचुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. मंगलवार...

नई दिल्ली/ रांची: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी आम चुनावों और उपचुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. मंगलवार को निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव वाले राज्यों और उनकी सीमाओं से सटे पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना था.

इन राज्यों की तैयारियों पर हुई चर्चा

बैठक में चुनाव वाले 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों।असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगालके साथ-साथ छह अन्य राज्यों में होने वाले उपचुनावों की स्थिति का जायजा लिया गया. इस मीटिंग में इन राज्यों के मुख्य सचिवों, डीजीपी और 12 पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

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आयोग के सख्त निर्देश, लालच और डर मुक्त हो चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों (डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी) ने स्पष्ट किया कि आयोग किसी भी कीमत पर हिंसा-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस बैठक में चुनाव वाले राज्यों की सीमाओं को सील करने और इंटर-स्टेट चेक पोस्ट पर चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अवैध आवाजाही रोकी जा सके.

शराब, नशीले पदार्थ (ड्रग्स), बेहिसाब नकदी और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए जीरो-टोलरेंस की नीति अपनाने को कहा गया है. साथ ही व्यय के प्रति संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने का आदेश दिया गया है.

20 से अधिक केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट पर

चुनाव आयोग ने इलेक्शन इंटेलिजेंस’ पर बनी मल्टी-डिपार्टमेंटल कमेटी के साथ भी रणनीतिक चर्चा की. इसमें इनकम टैक्स, ईडी, एनसीबी जैसी वित्तीय और खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को भी सक्रिय कर दिया गया है.

एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे ‘एक्शन लेने लायक इंटेलिजेंस पर काम करें और चुनाव से पहले अवैध धन और सामग्री की धरपकड़ तेज करें. पड़ोसी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे चुनाव वाले राज्यों की पुलिस के साथ रीयल-टाइम जानकारी साझा करें. सीमावर्ती जिलों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त पेट्रोलिंग और नाकाबंदी करने पर भी सहमति बनी है.

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