रांची: भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कड़ा जवाब दिया है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जेएमएम जनता को भ्रमित करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का फैसला गंभीर परिस्थितियों में लिया गया था. वहां मतदाता सूची में करीब 80 लाख गड़बड़ियां पाई गई थीं. उन्होंने कहा कि जब चुनाव जैसी लोकतंत्र की अहम प्रक्रिया पर सवाल उठता है, तब अदालत को दखल देना पड़ता है. ऐसे मुद्दे को राजनीतिक रंग देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
भूमि घोटाले से जुड़ा मूल मामला अब भी चल रहा है- प्रदेश प्रवक्ता
दूसरे मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को “ऐतिहासिक राहत” मिलने का जेएमएम का दावा पूरी तरह भ्रामक है. उनके अनुसार मुख्यमंत्री को सिर्फ समन की अवहेलना से जुड़े तकनीकी पहलू पर राहत मिली है, जबकि कथित भूमि घोटाले से जुड़ा मूल मामला अब भी चल रहा है.
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आधी-अधूरी जानकारी को “ऐतिहासिक जीत” बताना जनता को गुमराह करने जैसा है. अगर मुख्यमंत्री निर्दोष हैं, तो उन्हें जांच का सामना करना चाहिए, न कि कानूनी प्रक्रिया को राजनीतिक ढाल बनाना चाहिए.
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा न्यायपालिका का सम्मान करती है और कानून के शासन में विश्वास रखती है, जबकि जेएमएम अदालत के फैसलों को भी राजनीति के नजरिये से देख रही है. उन्होंने दावा किया कि झारखंड की जनता सच्चाई समझती है और भ्रम फैलाने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी.
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