Ranchi: झारखंड की राजनीति में आयुष्मान भारत योजना के तहत हुए कथित मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाले ने तूल पकड़ लिया है. भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में सीधे तौर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को निशाने पर लेते हुए उनके संरक्षण में घोटाले होने का आरोप लगाया है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और पूरे राज्य में हेल्थ ऑडिट कराने की मांग की है. कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में महीनों तक इतना बड़ा खेल चलता रहा और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी, यह गले उतरने वाली बात नहीं है. उन्होंने अस्पताल संचालकों और मंत्री के करीबियों के बीच संबंधों की जांच की मांग की है.
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क्या है भाजपा का आरोप?
भाजपा का आरोप है कि जामताड़ा के सिटी अस्पताल और मंगलम नेत्रालय ने मात्र एक महीने के भीतर हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशनों का फर्जी दावा कर आयुष्मान भारत योजना से लाखों रुपये की अवैध निकासी की है. भाजपा ने आरोप लगाया कि मामला उजागर होने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय केवल सिविल सर्जन का तबादला कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है. जांच में यह भी बात सामने आई है कि संबंधित अस्पतालों में बिना लाइसेंस के फार्मेसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं धड़ल्ले से संचालित हो रही थीं.
भाजपा की मांगें
उच्चस्तरीय न्यायिक जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत सामने आ सके.
राज्यव्यापी हेल्थ ऑडिट: आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश में हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का ऑडिट कराया जाए.
दोषियों पर कठोर कार्रवाई: केवल तबादला नहीं, बल्कि घोटाले में शामिल संचालकों और अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो.
