Gumla: झारखंड में बीजेपी द्वारा लगातार हेमंत सरकार को घेरने की नीयत से लगातार आंदोलन की जा रही है. इसी क्रम में गुमला जिला में भी बिजली-पानी की समस्या को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार आंदोलन किया गया. इस आंदोलन में जिला के कार्यकर्ताओं के साथ ही साथ प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर के कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की कोशिश की. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व विधायक कमलेश उरांव, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए. कार्यकर्ताओं ने माथे पर खाली मटका लेकर आंदोलन किया.
सरकार केवल लूट खसोट में लगी हुई है
मौके पर मौजूद बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि वर्तमान सरकार पर आम लोगों की समस्याओं से पूरी तरह से अलग-अलग होकर अपने स्वार्थ में राजनीति कर रही है. उन्होंने यह कहा कि जिस सरकार को अपनी जनता को पानी-बिजली देने तक की चिंता न हो वैसी निकम्मी सरकार को शासन सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल लूट खसोट में लगी हुई है. सरकार को आम लोगों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है. यही कारण है कि अभी गर्मी सही से शुरू भी नहीं हो पाई है, लेकिन लोगों को बिजली-पानी की समस्याओं से काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

आम लोगों की समस्याओं से मंत्री और पदाधिकारी को कोई लेना देना नहीं
भाजपा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि इलाके में लगातार इस तरह की समस्या देखने को मिल रही है, जब भाजपा की सरकार इस राज्य में थी तो बिजली की समस्या और पानी की समस्या नहीं देखने को मिलती थी. लेकिन वर्तमान सरकार में आम लोगों की समस्याओं से सरकार में मौजूद मंत्री और पदाधिकारी को कोई लेना देना नहीं है. यही कारण है की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही है. उन्होंने यह आरोप लगाया कि वर्तमान की सरकार में गुमला जिला के तीनों विधायक शामिल है, बावजूद इसके इस इलाके में पानी बिजली की समस्या को लेकर न तो विधायकों को चिंता है और न ही सुबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस बात की चिंता है. यह इलाका आदिवासी बहुल इलाका है और हेमंत सोरेन अपने आप को आदिवासियों का मसीहा कहते हैं. ऐसे में उनके शासनकाल में जिस तरह से लोगों को समस्या हो रही है उसे यह बात कही जा सकती है कि वर्तमान सरकार आदिवासियों के हितों में काम करना ही नहीं चाहती.
आम लोगों की समस्याएं जस की तस
भाजपा के पूर्व विधायक कमलेश उरांव ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं से नेताओं को तो कोई मतलब है ही नहीं, साथ ही साथ पदाधिकारी को भी कोई लेना देना नहीं है. यहां मौजूद पदाधिकारी मौज मस्ती में लगे हुए हैं और आम लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है. उन्होंने कहा कि पानी बिजली की समस्या को लेकर लोग आए दिन सड़कों पर उतरने को मजबूर है. बावजूद इसके सूबे के पदाधिकारी को इस बात से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि हर विभाग आज मौज-मस्ती में लगा हुआ है. उसे किसी प्रकार से जनता की सेवा करने को इच्छा शक्ति नहीं बन पा रही है.
सरकार दूसरे राज्यों में दिखावे का आंसू बहा रही
वहीं कायक्रम में मौजूद भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने आरोप लगाया कि यह सरकार दूसरे राज्यों में जाकर वहां के लोगों के दर्द के प्रति दिखावे का आंसू बहा रही है, जबकि उसके क्षेत्र में आम लोगों की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. उन समस्याओं से उन्हें कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज झारखंड की जनता इस बात को लेकर अफसोस जाहिर कर रही है कि इस सरकार को उसने क्यों शासन सत्ता में लाया. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस सरकार के खिलाफ आम जनों में काफी आक्रोश का माहौल बना हुआ है, जो कभी भी विशाल रूप लेकर इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी.
उन्होंने इस बात की चिंता व्यक्त की है, कि आज कई इलाकों में लंबे समय से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब पड़ा रहता है, लेकिन उसे बनवाने की चिंता सरकार के लोगों को नहीं होती है. ऐसे में समझा जा सकता है कि हेमंत सोरेन का आदिवासियों के प्रति जो प्रेम है वह महज दिखावा है. उन्होंने बताया कि सरकार को शर्म नाम की कोई चीज भी नहीं है.
यह भी पढ़ें: जनसेवा, ईमानदारी और संवेदनशीलता की मिसाल थे माधवलाल सिंह

श्रद्धांजलि माधवलाल सिंह: बेबाक टिप्पणी, सादगी और गरीब-गुरबों के प्रति सेवाभाव के चलते काफी चर्चित रहे, हर समय क्षेत्र की जनता के बीच रहे सक्रिय