Bermo : बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले ’ए’ पावर प्लांट में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी विद्युत उत्पादन ठप रहा. हालांकि, छाई उठाव करने वाली कंपनी द्वारा बकाया भुगतान किए जाने के बाद सोमवार को पूर्वाहन ग्यारह बजे से ट्रांसपोर्टिंग का कार्य आंशिक रूप से बहाल हो गया. इससे प्रबंधन ने राहत की सांस ली है. छाई उठाव का कार्य करने वाली सारण कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा हाईवा मालिकों को दो माह की बकाया राशि का भुगतान करने के बाद सोमवार से कार्य पुनः आरंभ हुआ. ऐश पौंड स्थित कांटा घर के रिकॉर्ड के अनुसार, आधा दर्जन हाईवा राजगंज स्थित नेशनल हाईवे निर्माण स्थल भेजे गए, जबकि चार हाईवा से छाई को पावर प्लांट स्थित रेलवे ऐश यार्ड में डंप करने का काम शुरू किया गया.

कोलकाता से पहुंचे अधिकारी, कंपनी प्रतिनिधि को लगाई फटकार
ऐश पौंड का संकट के समाधान के लिए सोमवार को कोलकाता से डीवीसी के मेंबर टेक्निकल एसके पांडा बोकारो थर्मल पहुंचे. उन्होंने नूरी नगर स्थित ऐश पौंड का निरीक्षण किया और सारण कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई. एमटी ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि निविदा के बाद कार्य आवंटन होने के बावजूद वाहनों की संख्या क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है. उन्होंने स्थानीय स्तर पर भुगतान रोकने की समस्या पर भी डांट पिलाई और ट्रांसपोर्टिंग को सुचारू रूप से चलाने का सख्त निर्देश दिया. बाद में पौंड पर ही पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मेंबर टेक्निकल ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पावर प्लांट को जल्द से जल्द दोबारा चालू करना है. कंपनी पर कार्रवाई के सवाल को उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि वे मामले को देख रहे है.
आश्वासन नहीं आया काम
ढाई माह पूर्व दिया गया आश्वासन काम नहीं आया. ढाई माह पूर्व 6 दिसंबर को एसटीपी-दो के उद्घाटन के दौरान एमटी ने आश्वासन दिया था कि ऐश पौंड की वजह से बोकारो थर्मल का पावर प्लांट कभी बंद नहीं होने दिया जाएगा. लेकिन इस दावे के विपरीत 6 मार्च की रात को ही पावर प्लांट की यूनिट को ऐश पौंड संकट के कारण ही बंद करना पड़ गया.

प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
ऐश पौंड का निरीक्षण के दौरान गोविंदपुर-ए पंचायत के पंचायत समिति सदस्य अख्तर अंसारी ने एमटी को पौंड से उड़ने वाली छाई के कारण हो रहे भारी प्रदूषण और ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया. एमटी ने उन्हें कार्यालय आकर बात करने को कहा. वहीं, पंसस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण पर रोक नहीं लगी, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा.
कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
उनके साथ वरीय जीएम (ओएंडएम) मधुकर श्रीवास्तव, जीएम (ऐश मैनेजमेंट) एए कुजूर, राजेश विश्वास, कोलकाता के वरीय जीएम संजय सिन्हा और जीएम सुजीत कारक सहित डीजीएम तीतीबर रहमान, वरीय प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी, सरफराज शेख, प्रबंधक सेफ्टी एके चौबे सहित कई अधिकारी मौजूद थे.

