रांची: झारखंड सरकार ने राजस्व आय के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त करने के लिए NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) और RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) ही ऑप्शन होंगे. वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा है.

क्या है एनइएफटी और आरटीजीएस?
एनइएफटी और आरटीजीएस दोनों ही इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के तरीके हैं। एनइएफटी में राशि का ट्रांसफर बैच में होता है, जबकि आरटीजीएस में राशि का ट्रांसफर रियल टाइम में होता है, यानी तुरंत।
क्यों लिया गया यह फैसला?
वित्त विभाग ने बताया है कि आरबीआई के ई-कुबेर द्वारा एनइएफटी और आरटीजीएस के माध्यम से प्राप्त होने वाली राशि रियल टाइम बेसिस पर सरकार के खाते में प्राप्त हो जाती है, जिससे सरकार को तुरंत फायदा होता है. इसलिए यह फैसला लिया गया है कि एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त करने के लिए केवल एनइएफटी और आरटीजीएस की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
क्या होगा प्रभाव?
इस फैसले से सरकार को राजस्व आय में तेजी आएगी और सरकार के खाते में राशि तुरंत प्राप्त होगी. इससे सरकार को अपने विकास कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी.
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