बजट सत्रः राजनीति में आने से पहले करते थे ठेकेदारी, दलाली नहीं : सत्येंद्रनाथ तिवारी

Ranchi: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 12 वें दिन सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सदन में अनंत प्रताप देव के बयानों...

Ranchi: विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 12 वें दिन सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सदन में अनंत प्रताप देव के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अलकतरा घोटाला मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मेरे उपर लगे आरोपों को एक सिरे से खारिज कर दिया. राजनीति में आने से पहले ठेकेदारी करते थे, दलाली नहीं. मैं आरोपी नहीं हूं. अर्नगल आरोप लगाना गलत है. जल संसाधन के बजट पर उन्होंने कहा कि 25-26 में बजट का अब तक 72 फीसदी राशि ही खर्च हुई है. 45 फीसदी स्वीकृत पद खाली पड़े हैं. राज्य में सिंचाई सुविधा सिर्फ 40 फीसदी ही है. स्वर्णरेखा परियोजना की लागत 99 गुणा और कोनार परियोजना की लागत 204 गुणा बढ़ गई है. यही चाल रहा तो स्वर्णरेखा परियोजना को पूरा करने में 129 साल लगेगा. ठोस नीति नहीं है. अमानत योजना 23 साल में भी पूरी नहीं हुई. 41 मध्यम जलाशय योजना में सिर्फ चार ही पूरा हो पाया है. मेराल प्रखंड का पलाही डैम भुला गया है.

योजनाएं अधूरी हैः रोशन लाल चौधरी

वहीं रोशन लाल चौधरी ने कहा कि 13 वृह्द औप 21 मध्यम सिंचाई योजनाएं आज भी अधूरी हैं. स्वर्णरेखा परियोजना की लागत 128 करोड़ से बढ़कर 14949 करोड़ हो गई है. आज जलसंसाधन की योजनाओं का 71 फीसदी कार्य अधूरा है. भैरवा जलाशय नगर का निर्माण नहीं हो पाया. विस्थापन आयोग सिर्फ कागजों में है. केरेडारी और बड़का गांव में विस्थापन हो रहा है. विस्थापितों को समय पर मुआवजा और नौकरी मिले.

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