जनगणना-2027 की तैयारी तेज, रांची में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

Ranchi: जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में 2 अप्रैल 2026 को रांची नगर निगम के सभागार में...

Ranchi: जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में 2 अप्रैल 2026 को रांची नगर निगम के सभागार में नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया, उनकी जिम्मेदारियों और नए डिजिटल सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया

बैठक में बताया गया कि इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी. पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस किया जाएगा. इस दौरान हर घर की स्थिति, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या के साथ-साथ लिंग, आयु, शिक्षा, धर्म और रोजगार जैसी सामाजिक एवं आर्थिक जानकारियां एकत्र की जाएंगी.

देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी

इस बार की जनगणना को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह देश की 16वीं और पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी. कागज आधारित फॉर्म की जगह अब मोबाइल ऐप, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेब पोर्टल के जरिए डेटा संग्रह किया जाएगा. इसके लिए HLO मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी बनेगी.

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अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी टीमों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाए और हर कर्मचारी को अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए. साथ ही पहले चरण के कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया.

डिजिटल जनगणना से विकास योजनाओं को मिलेगा आधार

नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि यह डिजिटल जनगणना रांची के लिए एक महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरा कार्य है. इसके जरिए शहर की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सही आकलन होगा, जो भविष्य की विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा. डिजिटल तकनीक के उपयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलतियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी.

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