Chaibasa: नोवामुंडी प्रखंड के दुधबिला पंचायत अंतर्गत बेतरकिया गांव में गुरुवार को 11 केवी जगन्नाथपुर फीडर मेन लाइन पर कार्य के दौरान करंट लगने से एक बिजली मिस्त्री की मौत हो गई. मृतक की पहचान बारबुरा गांव निवासी रवि चंपिया के रूप में हुई है. वह गीत राज इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के अधीन निजी बिजली मिस्त्री के रूप में नोवामुंडी ग्रिड में कार्यरत था और DVC कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहता था.

रवि चंपिया अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं. पुत्र रोहित चंपिया इंटर पास कर घर पर है, जबकि पुत्री रश्मि चंपिया सरस्वती शिशु मंदिर में छठी कक्षा की छात्रा है.

जानकारी के अनुसार, रवि गुरुवार सुबह बेतरकिया गांव में 11 केवी लाइन पर मरम्मत कार्य कर रहे थे. इसी दौरान अचानक लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा और वे सीमेंट के बिजली पोल से नीचे गिर पड़े. गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए.

मुआवजे की मांग को लेकर घंटों चला धरना
घटना की सूचना मिलते ही गुवा थाना पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया भी घटनास्थल पहुंचे और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने ग्रामीणों के साथ शव को घटनास्थल पर रखकर धरना शुरू कर दिया.
करीब सात से आठ घंटे तक शव घटनास्थल पर ही रखा रहा. इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला. बाद में बिजली विभाग के अधिकारियों ने तत्काल 20 हजार से 50 हजार रुपये की सहायता देने, कंपनी की ओर से 10 लाख रुपये मुआवजा उपलब्ध कराने, परिवार को पेंशन देने तथा एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद शाम लगभग छह बजे शव को उठाया गया और धरना समाप्त हुआ.
लाइन चालू होने को लेकर उठे सवाल
घटना के कारणों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. DVC सब स्टेशन पावर कंट्रोल रूम में कार्यरत मुकेश बोबोंगा ने बताया कि 11 केवी JNP फीडर में लाइन ब्रेकडाउन होने के कारण सुबह 9:20 बजे मिस्त्री द्वारा शटडाउन लिया गया था. विद्युत सब स्टेशन में कार्यरत मुकेश बोबोंगा के अनुसार, सुबह 10:22 बजे मिस्त्री की ओर से कार्य पूरा होने का संकेत (ओके) मिलने के बाद लाइन चालू कराई गई.
हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि रवि चंपिया चलती लाइन पर कैसे कार्य कर रहे थे या फिर लाइन चालू करने में कहीं लापरवाही हुई. फिलहाल इस हादसे में किसकी चूक थी, इसका स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा. लेकिन इस दुर्घटना ने एक अनुभवी बिजली मिस्त्री की जान ले ली और उसके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है.

