Religion News: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. हर साल यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है और पूरे नौ दिनों तक मनाया जाता है. इस साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर नौ दिनों तक चलेंगे. इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. धार्मिक रूप से यह समय बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या इन दिनों शादी, गृह प्रवेश या मुंडन जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं या नहीं. आइए जानते हैं इसका उत्तर.

क्या नवरात्र में मांगलिक कार्य करना शुभ होता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र का समय पूजा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करने का होता है. इसलिए इन दिनों भक्ति और उपासना पर विशेष ध्यान दिया जाता है. आम तौर पर नवरात्र के दौरान नए काम की शुरुआत, गृह प्रवेश या मुंडन संस्कार करना शुभ माना जाता है. लेकिन शादी जैसे बड़े मांगलिक कार्य इन दिनों नहीं किए जाते. इसका कारण यह है कि नवरात्र का समय भोग-विलास से दूर रहकर साधना और देवी की आराधना का माना जाता है.
क्या होता है खरमास काल?
हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास एक ऐसा समय होता है, जब सूर्य देव धनु (Sagittarius) या मीन (Pisces) राशि में प्रवेश करते हैं. यह अवधि साल में दो बार आती है. एक बार दिसंबर के मध्य से जनवरी के मध्य तक और दूसरी बार मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक. खरमास को धार्मिक रूप से ऐसा समय माना जाता है, जब मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता.
2026 में नवरात्र के दौरान क्यों नहीं होंगे शुभ कार्य?
साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं. वहीं 15 मार्च से खरमास की शुरुआत हो जाएगी और यह लगभग अप्रैल के मध्य तक चलेगा. क्योंकि, नवरात्र का समय इस बार खरमास के दौरान पड़ रहा है, इसलिए इस अवधि में शादी, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाएगा.
खरमास में क्यों टाले जाते हैं शुभ कार्य?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास शुरू हो जाता है. इस दौरान सूर्य और गुरु ग्रह की शक्ति कम मानी जाती है. इसी कारण इस अवधि में शादी, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है.
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