पत्थलगड़ा और जोरी में भी वारदात करने की आशंका
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी, छिनतई और डिक्की से सामान उड़ाने की कई घटनाओं में शामिल रहा है. उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसने चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्र में भी ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाया था.
आधा किलो सोना बेचने का झांसा देकर जुटाई पूरी जानकारी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने घटना से पहले कई दिनों तक ज्वेलरी दुकान की रेकी की थी. इसके बाद वह ग्राहक बनकर दुकान पहुंचा और आधा किलो चोरी का सोना सस्ते दाम में बेचने का प्रस्ताव दिया. इसी बहाने उसने व्यवसायी की गतिविधियों, आने-जाने के समय और जेवरात ले जाने के तरीके की पूरी जानकारी जुटाई. बाद में सुनियोजित तरीके से बाइक की डिक्की से लाखों रुपये के जेवरात उड़ा लिए.

उड़ीसा से संचालित हो रहा था संगठित गिरोह
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना उड़ीसा का आकाश प्रधान है. वह गिरोह के सदस्यों को अपराध करने के लिए हर महीने एक लाख रुपये तक का भुगतान करता था. गिरोह में उड़ीसा के दशमनिया और आसपास के गांवों के कई युवक शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग राज्यों में चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने के लिए भेजा जाता था.
हैदराबाद में दी जाती थी चोरी की विशेष ट्रेनिंग
एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था. उन्हें बाइक और कार की डिक्की बिना नुकसान पहुंचाए खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद तेजी से फरार होने की तकनीक सिखाई जाती थी. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें विभिन्न राज्यों में सक्रिय किया जाता था.
ALSO READ: चाईबासा: बंदगांव मंडल में भाजपा की विशेष बैठक संपन्न, संगठन विस्तार और SIR अभियान पर मंथन
