Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री और जेएमएम सुप्रीमो हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान चाय बागान श्रमिकों और आदिवासी समाज की बदहाली पर गहरा दुख व्यक्त किया है. नाहरकटिया और खुमताई में जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना उनका परम कर्तव्य है और यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है.
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श्रमिकों की पीड़ा से व्यथित
हेमंत सोरेन ने कहा कि चाय बागानों में कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे मजदूरों की स्थिति देखकर उनका मन व्यथित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है.
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आदिवासी समाज देश की आर्थिक रीढ़
सीएम ने आदिवासियों को देश की आर्थिक शक्ति बताते हुए कहा कि सदियों से शोषित और वंचित रहे इस समाज के साथ वे मजबूती से खड़े हैं. चुनावी अपील करते हुए उन्होंने कहा कि तीर-धनुष सिर्फ एक निशान नहीं, बल्कि आदिवासियों के संघर्ष और उनके पूर्वजों के सम्मान की पहचान है. यह उनके ‘अभिमान’ का प्रतीक है. उन्होंने नाहरकटिया में झामुमो प्रत्याशी संजय बाघ के पक्ष में मतदान की अपील की. खुमताई में जेएमएम प्रत्याशी अमित नाग को भारी मतों से जिताने का आह्वान किया.
