रांची: अक्सर हम इतिहास को किताबों के पन्नों में पढ़ते हैं, लेकिन सिमडेगा जिला प्रशासन की नई पहल ने इतिहास को महसूस करने का अवसर दिया है. जिले की डीसी कंचन सिंह की पहल पर जिला मुख्यालय स्थित वर्ष 1915 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित पुराने अनुमंडल कार्यालय भवन को अब एक भव्य हेरिटेज सेंटर सह म्यूजियम के रूप में बदल दिया गया है. हाल ही में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस संग्रहालय को आम जनता के लिए समर्पित किया गया.


इतिहास का साक्षी है यह भवन:
यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि सिमडेगा के स्वाभिमान का प्रतीक है. इसका निर्माण अंग्रेजों ने वर्ष 1915 में प्रशासनिक कार्यों के लिए कराया था. 15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हुआ, तब सिमडेगा में पहली बार तिरंगा इसी परिसर में फहराया गया था सिमडेगा के जिला बनने के बाद शुरुआती दौर में यहां डीसी कार्यालय भी संचालित हुआ था.
तीन खंडों में सिमटी संस्कृति:
संग्रहालय को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है, ताकि आगंतुक जिले की विविधता को गहराई से समझ सकें. यहां ब्रिटिश काल से लेकर आजादी के आंदोलन तक के महत्वपूर्ण कागजात और अभिलेख सहेजे गए हैं. जिले की कृषि और ग्रामीण जीवन में इस्तेमाल होने वाले प्राचीन औजारों को प्रदर्शित किया गया है. जनजातीय कला, संगीत वाद्ययंत्र और सिमडेगा की विशिष्ट परंपराओं की झलक यहां देखने को मिलती है.


